हैप्पी रोज डे शायरी स्टेटस कोट्स वाॅलपेपर फोटो मैंसेज इमेज फोटो कविता एवं हार्दिक शुभकामनाएँ संदेश हिन्दी में | Best Happy Rose Day Shayari Status Quotes Slogans Suvichar Poem Photos Download SMS Massage Poetry & Thoughts In Hindi For Lovers Girlfriends, Boyfriends, GF & BF
हैप्पी रोज डे शायरी स्टेटस कोट्स वाॅलपेपर फोटो मैंसेज इमेज फोटो कविता एवं हार्दिक शुभकामनाएँ संदेश हिन्दी में | Best Happy Rose Day Shayari Status Quotes Slogans Suvichar Poem Photos Download SMS Massage Poetry & Thoughts In Hindi For Lovers Girlfriends, Boyfriends, GF & BF :-
इस आर्टिकल में बेहतरीन गुलाब शायरी स्टेटस कोट्स इमेज दिए हुए है. इसे जरूर पढ़े। गुलाब का फूल देखने में खूबसूरत और अपनी खुशबू से मन को महका देता है. इसे मोहब्बत का पैगाम देने वाल फूल भी कहते हैं. 7th February को हर साल Rose Day ( गुलाब दिवस ) मनाया जाता है. इस दिन गुलाब का फूल देकर लोग अपने प्रेम का इजहार करते हैं. आशिकों के लिए यह दिन ख़ास होता हैं।
काँटों से घिरा रहता है,
फिर भी गुलाब खिला रहता है।
तेरे बगैर किसी और को देखा नही मैंने,
सूख गया तेरा गुलाब मगर फेका नहीं मैंने।
गुलाब जैसी हो,
गुलाब लगती हो,
हल्का सा जो मुस्कुरा दो,
तो लाजवाब लगती हो।
फूल गुलाब का भेज रहे है आपके लिए,
लबों से छूकर जान इसमें डाल दीजिए।
उनकी जुल्फों की खूबसूरती और बढ़ गई,
जब एक गुलाब उनके बालो में सज गई।
गुलाब पर ये जुल्म क्यों ढाते है लोग,
इश्क़ के इजहार के लिए तोड़ लाते है लोग।
इंसान गुलाब को कब डालियों में छोड़ते है,
मोहब्बत का वास्ता देकर बड़े अदब से तोड़ते है।
टूटे हुए इंसान की आँखों से निकलता है आब,
हसीन कितना भी हो बिखर जाता है जैसे गुलाब।
ये सिर्फ एक गुलाब नही,
मेरी प्यार की निशानी है,
रखना इसे आप संभाल के
इस के हर पत्ते में छुपी
हमारे प्यार की कहानी है।
लग गई बद्दुआ हमें उन गुलाबों की,
जिनका कत्ल हमने तुम्हारी खातिर किया था।
काटें तो आने ही थे हमारे नसीब में,
हमने यार भी तो गुलाब जैसा चुना था।
सफर वही तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वही तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे है इस गुलशन में मगर
खुशबू वही तक है जहाँ तक तुम हो।
लोगो के दामन अब नम दिखाई देते हैं,
फूल अब गुलाबों के कम दिखाई देते हैं।
खामोशी से बिखरना आ गया है,
हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,
किसी को बेवफा कहते नहीं हम,
हमें भी अब बदलना आ गया है,
किसी की याद में रोते नहीं हम,
हमें चुपचाप जलना आ गया है,
गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो,
हमें कांटों पे चलना आ गया है।
मैंने कब कहा...तू मुझे गुलाब दे...
या फिर अपनी ....मोहब्बत से नवाज़ दे...
आज बहुत उदास है....मन मेरा.....
गैर बनके ही सही.....तू बस मुझे आवाज़ दे...!!
दिलों को जो मदहोश कर दे खुशबू वो गुलाब की है,
जो देखते ही मेरे आंखों में बस गयी तस्वीर वो आपकी है।
गुलाब है ये गुलाब का,
मगर इसमें भी कांटे है,
मोहब्बत ने खुशी दी है,
तो इसने गम भी बांटे है।
एक गुलाब मेरी तरफ से दूसरी गुलाब के लिए💗💗
बड़े ही चुपके से भेजा था
मेरे महबूब ने मुझे एक गुलाब
कम्बख्त उसकी खुशबू ने
सारे शहर में हंगामा कर दिया
मेरा हर ख्वाब आज हकीकत बन जाये,
जो हो बस तुम्हारे साथ ऐसी ज़िन्दगी बन जाये,
हम लाये लाखो में एक गुलाब तुम्हारे लिए,
और ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाये।
गुलाब से पूछो कि दर्द क्या होता है,
देता है पैगाम मोहब्बत का और खुद कांटो में रहता है।
अगर कुछ बनना है तो गुलाब के फूल बनो क्यूंकि ये फूल उस के हाथ में भी खुशबू छोड़ देता है जो इसे मसल कर फ़ेंक देता है।
सिर्फ गुलाब देने से अगर मोहब्बत हो जाती,
तो माली सारे ‘शहर’ का महबूब बन जाता।
खुशबू में डूब जायेंगी यादों की डालियाँ,
होंठों पे फूल रख के कभी सोचना मुझे।
काटें तो आने ही थे हमारे नसीब में,
हमने यार भी तो गुलाब जैसा चुना था।
तुझे पल भर को भी भूल जाने की कोशिश कभी कामयाब न हुई,
तेरी याद शाख-ऐ-गुलाब थी जो हवा चली तो महक उठी।
पगली तू गुलाब के फूल जैसी है जिसे में,
तोड़ भी नही सकता और
छोड़ भी नही सकता।
सारी उम्र में एक पल भी आराम का न था,
वो जो दिल मिला किसी काम का न था,
कलियाँ खिल रही थी हर गुलाब था ताज़ा,
मगर कोई भी गुलाब मेरे नाम का न था।
आज सोचा के आपको जवाब में क्या दूँ,
आप जैसे लोगो को खिताब क्या दूँ,
कोई और फूल हो तो मुझ को नहीं मालूम,
जो खुद ग़ुलाब हो उसे क्या ग़ुलाब क्या दूँ।
मोहब्बत भरी नज़रों में ख़्वाब मिलेंगे,
कहीं कांटे तो कहीं गुलाब मिलेंगे,
मेरे दिल की किताब को पढ़ के तो देखो,
कहीँ आपकी याद तो कहीं खुद आप मिलोगे।
मैं चाहता था कि उस को गुलाब पेश करूँ,
वो ख़ुद गुलाब था उस को गुलाब क्या देता।
सुनो कि अब हम गुलाब देंगे गुलाब लेंगे,
मोहब्बतों में कोई ख़सारा नहीं चलेगा।
दिन में आने लगे हैं ख़्वाब मुझे,
उस ने भेजा है इक गुलाब मुझे।
किसी ने मुझ से कह दिया था ज़िंदगी पे ग़ौर कर,
मैं शाख़ पर खिला हुआ गुलाब देखता रहा।
दिल में छप कर भी ख़ुशबुएँ देगी,
हर तमन्ना गुलाब है प्यारे।
गुलाब टहनी से टूटा ज़मीन पर न गिरा,
करिश्मे तेज़ हवा के समझ से बाहर हैं।
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