बचपन पर शायरी, स्टेटस, कोट्स, कविता | बच्चे शायरी | Shayri, Status, Quotes & Poem On Childhood | Shayri On Children
बचपन पर शायरी, स्टेटस, कोट्स, कविता | बच्चे शायरी | Shayri, Status, Quotes & Poem On Childhood | Shayri On Children :- बचपन की यादें जब कभी आती हैं वो क्षण एक अलग ही खुश्बू से महक उठता हैं, अपने बचपन के यादों में हर कोई खो जाता हैं।सब चाहते हैं कि उनका बिता हुआ बचपन फिर से लौट आए। लेकिन यह यथार्थ में असम्भव हो जाता हैं। लेकिन बहुत से शायर, लेखक और कवि अपने रचनाओं के माध्यम से बचपन के लौट जाने के बाद भी उसका सुखद आनंद ले पाते हैं। हम आपके बचपन को तो नहीं लौटा सकते हैं लेकिन विभिन्न शायरी और कविताओ के माध्यम से आपके बचपन के यादों को ताजा कर आपके बचपन को भावनात्मक रूप से वापस जरूर कर सकते हैं। आशा हैं आपको यह संकलन पसंद आएगी, आप इस संकलन को अपने परिवार, दोस्त और अन्य सोशल साइट पर शेयर कर सकते हैं। - अमन सिंह देर तक हँसता रहा उन पर हमारा बचपना, जब तजुर्बे आए थे संजीदा बनाने के लिए। फ़क़त माल-ओ-ज़र-ए-दीवार-ओ-दर अच्छा नहीं लगता, जहाँ बच्चे नहीं होत...